परस्पर क्रियाशील आकाशगंगाएं वे आकाशगंगाएं हैं जिनके गुरुत्वीय क्षेत्र एक-दूसरे में विक्षोभ उत्पन्न करते हैं। एक छोटी परस्पर क्रिया का उदाहरण वह स्थिति है जिसमें कोई उपग्रह आकाशगंगा मुख्य आकाशगंगा की सर्पिल भुजाओं को विकृत कर दे। बड़ी परस्पर क्रियाएं आकाशगंगा-विलय तक ले जा सकती हैं।
आकाशगंगा के पार स्थानीय समूह और अन्य निकटवर्ती आकाशगंगाएं स्थित हैं। तारों के इन विशाल द्वीपों के बीच की परस्पर क्रियाएं आकाशगंगीय विकास और तारों के निर्माण को प्रभावित करती हैं।