आकाशगंगा तारों, तारकीय अवशेषों, अंतरतारकीय गैस, धूल और डार्क मैटर का गुरुत्वीय रूप से बंधा तंत्र होती है। मिल्की वे वह आकाशगंगा है जिसमें हमारा सौर मंडल स्थित है। इसका नाम पृथ्वी से रात के आकाश में दिखने वाली धुंधली प्रकाश-पट्टी जैसी इसकी आकृति से पड़ा है।
आकाशगंगा एक दंडाकार सर्पिल आकाशगंगा है जिसमें लगभग 100 से 400 अरब तारे हैं। इसके केंद्र में धनु A* नामक अतिदानव ब्लैक होल स्थित है जिसके चारों ओर पूरी आकाशगंगा परिक्रमा करती है।