सूर्य
सौर मंडल का तारा
सूर्य सौर मंडल के केंद्र में स्थित तारा है। यह गर्म प्लाज्मा का लगभग पूर्ण गोला है, जिसका केंद्र नाभिकीय संलयन से दहकता रहता है। यही ऊर्जा प्रकाश, पराबैंगनी और अवरक्त विकिरण के रूप में निकलती है और पृथ्वी पर जीवन के लिए ऊर्जा प्रदान करती है।
- व्यास: 1.4 मिलियन किमी
- सतह तापमान: 5,500 °C
- द्रव्यमान: 333,000 पृथ्वियां
- हमारे तारे का पैमाना: दहकता और उथल-पुथल भरा सूर्य एक विशाल प्लाज्मा गोले के रूप में दृश्य पर छाया रहता है। इसकी सतह पर घूमती चुंबकीय धाराएं और विस्फोटक ज्वालाएं अपार ऊष्मा और प्रकाश बिखेरती हैं। नीचे ग्रह उसके मुकाबले बेहद छोटे दिखाई देते हैं, जिससे हमारे तारे का चकित कर देने वाला पैमाना स्पष्ट होता है। यही संलयन-चालित इंजन अपने गुरुत्वाकर्षण से पूरे सौर मंडल को नियंत्रित करता है।