खगोलविदों ने वासयोग्य क्षेत्र में स्थित चट्टानी बहिर्ग्रह LHS 1140 b के ट्रांज़िट स्पेक्ट्रम में बाहर निकलते हीलियम का पता लगाया। यह लगभग 48 प्रकाश-वर्ष दूर इस सुपर-अर्थ पर वायुमंडल बने रहने का पहला स्पष्ट प्रमाण है। संकेत केवल 2024 में दिखा और अध्ययन ऊपरी वायुमंडल तक सीमित है; निचले वायुमंडल की संरचना अभी अज्ञात है।
मुख्य बातें
- 2024 में LHS 1140 b के निकट-अवरक्त ट्रांज़िट स्पेक्ट्रम में टीम ने लगभग 10,833 ऐंग्स्ट्रॉम पर मेटास्टेबल हीलियम ट्रिपलेट पाया; मुख्य मिश्रित रेखाओं की अतिरिक्त अवशोषण गहराई 1.24% (+0.22/−0.23 प्रतिशत अंक) थी।
- हीलियम संकेत प्रकाशीय ट्रांज़िट से पहले शुरू हो गया, जो कक्षा में ग्रह के आगे फैली गैस के अनुरूप है; ट्रांज़िट के बाद पीछे की पूंछ का प्रमाण कमजोर था।
- उसी विधि से 2025 में हीलियम नहीं मिला। वह अवलोकन लगभग 0.6% से कम अवशोषण के प्रति संवेदनशील नहीं था, इसलिए परिणाम वायुमंडल के गायब होने के बजाय बदलते पलायन का समर्थन करता है।
- मॉडल संकेत को तारे की एक्स-रे और चरम पराबैंगनी किरणों से गर्म हुए बहिर्वाह के रूप में समझाते हैं। ऊपरी वायुमंडल में हीलियम अधिक और हाइड्रोजन कम हो सकता है, जबकि भारी कार्बन, नाइट्रोजन और ऑक्सीजन युक्त पदार्थ नीचे रह सकते हैं।
- इस खोज में न तो जैव-चिह्न मिला है, न तरल जल की पुष्टि हुई है। वासयोग्य क्षेत्र केवल मिलने वाली ऊर्जा का दायरा बताता है; सतही वातावरण अज्ञात वायुमंडलीय संरचना और जलवायु पर निर्भर है।
सूर्य से 14.96 पारसेक, यानी लगभग 48.8 प्रकाश-वर्ष दूर LHS 1140 b ने अंतरिक्ष में बहते वायुमंडल के संकेत दिखाए हैं। Collin Cherubim के नेतृत्व वाली टीम ने Science में इस वासयोग्य-क्षेत्र के चट्टानी बहिर्ग्रह के ट्रांज़िट स्पेक्ट्रम में मेटास्टेबल हीलियम की पहचान दर्ज की। यह किसी दूसरे तारे के वासयोग्य क्षेत्र में चट्टानी ग्रह पर वायुमंडल का पहला स्पष्ट प्रदर्शन है। यह संकेत विरल ऊपरी वायुमंडल से आता है, ग्रह की सतह की सीधी तस्वीर से नहीं।
2024 का हीलियम अवशोषण तारों की रोशनी में कैसे उभरा?
LHS 1140 b का द्रव्यमान पृथ्वी का 5.60 ± 0.19 गुना और त्रिज्या 1.730 ± 0.025 गुना है। वह कम द्रव्यमान वाले लाल बौने की परिक्रमा हर 24.7 दिन में करता है। उसे पृथ्वी की तुलना में लगभग 42% तारकीय विकिरण मिलता है और शून्य परावर्तन मानने पर संतुलन तापमान 226 ± 4 K है। 23 सितंबर 2024 को टीम ने चिली के Las Campanas Observatory में 6.5-मीटर Magellan Clay Telescope पर लगे उच्च-रिज़ॉल्यूशन निकट-अवरक्त WINERED स्पेक्ट्रोग्राफ का उपयोग किया। 6.5 घंटे में 70 स्पेक्ट्रम लिए गए, जिनमें 39 मिनट के अंतर से LHS 1140 c और b के ट्रांज़िट शामिल थे।
जब LHS 1140 b अपने तारे के सामने से गुजरा, कुछ तारकीय प्रकाश उसके ऊपरी वायुमंडल से होकर निकला। अध्ययन ने मेटास्टेबल हीलियम ट्रिपलेट की निर्वात तरंगदैर्ध्य 10,832.057, 10,833.217 और 10,833.306 ऐंग्स्ट्रॉम पर अतिरिक्त अवशोषण पाया। बाद की दो मिश्रित रेखाओं में अवशोषण 1.24% (+0.22/−0.23 प्रतिशत अंक) था, जो ग्रह की त्रिज्या के 1.52 गुने तक फैली अपारदर्शी परत के बराबर है। संकेत औपचारिक ट्रांज़िट से पहले बढ़ा, जो कक्षा में ग्रह के आगे फैले हीलियम के अनुरूप है; पीछे की पूंछ के लिए अभी केवल प्रारंभिक संकेत हैं।
टीम ने तारे की अपनी हीलियम रेखा में बदलाव, पृथ्वी के वायुमंडल का अवशोषण और रात्रि आकाश के OH उत्सर्जन जैसी वैकल्पिक व्याख्याएं जांचीं। एक स्वतंत्र विश्लेषण ने 2024 और 2025 के डेटा को फिर संसाधित किया और संकेत केवल 2024 में पाया। 29 सितंबर 2025 के ट्रांज़िट में हीलियम दोबारा नहीं मिला, लेकिन कृत्रिम संकेत डालकर पुनर्प्राप्ति के परीक्षणों ने दिखाया कि लगभग 0.6% या उससे कम अवशोषण पहचानना कठिन होता। इसलिए यह नतीजा तारकीय XUV विकिरण, बहिर्वाह तापमान या तारकीय हवा में बदलाव से समझाया जा सकता है और यह साबित नहीं करता कि एक वर्ष में वायुमंडल गायब हो गया।
निकलता हीलियम पूरे वायुमंडल को नहीं मापता
अध्ययन 2024 के संकेत को तारे की एक्स-रे और चरम पराबैंगनी किरणों से गर्म हुए हाइड्रोडायनेमिक बहिर्वाह के रूप में समझाता है। p-winds मॉडल के अनुसार ऊपरी बहिर्वाह में हाइड्रोजन और हीलियम की संख्या का अनुपात केवल लगभग 10⁻³ हो सकता है। यदि हाइड्रोजन बहुत अधिक होता, तो वह मेटास्टेबल हीलियम बनाने वाली उच्च-ऊर्जा किरणों को पहले सोख लेता और देखा गया संकेत बनना कठिन होता। इसलिए डेटा हीलियम-समृद्ध, हाइड्रोजन-कम ऊपरी वायुमंडल का समर्थन करता है, लेकिन यह विरल ऊंचाई वाले क्षेत्र पर मॉडल का निष्कर्ष है, सतह के पास की हवा का पूरा परीक्षण नहीं।
मॉडल के अनुसार हीलियम पलायन की दर इतनी कम है कि वह परमाणु द्रव्यमान 9 या उससे अधिक वाले पदार्थों को साथ नहीं खींच सकती। इसलिए भारी कार्बन, नाइट्रोजन और ऑक्सीजन युक्त पदार्थ निचली ऊंचाइयों पर जमा हो सकते हैं। ग्रह का कम तापमान पानी को संवहनीय वायुमंडल के शीर्ष से नीचे भी रोक सकता है, जिससे बहुत कम जलवाष्प ऊपरी परतों तक पहुंचे। ये परिणाम भारी निचले वायुमंडल या बड़े जल भंडार की संभावना रखते हैं, लेकिन नाइट्रोजन, जलवाष्प, कार्बन डाइऑक्साइड या ऑक्सीजन अभी सीधे नहीं मिले हैं।
वासयोग्यता की संभावना के लिए और अवलोकन चाहिए
LHS 1140 b वासयोग्य क्षेत्र में है, उसका समग्र संघटन चट्टानी है और वह वायुमंडल बनाए रखता है। इससे वह समशीतोष्ण बहिर्ग्रहों के अध्ययन का महत्वपूर्ण लक्ष्य बनता है। उसकी वासयोग्यता आंकने के लिए सतह पर तरल जल और जीवन-संबंधी संकेतों की जानकारी अभी चाहिए। संतुलन तापमान केवल अवशोषित और उत्सर्जित ऊर्जा गिनता है; वास्तविक सतही तापमान, दिन-रात का वितरण और पानी का तरल रहना वायुमंडल की मोटाई, ग्रीनहाउस गैसों, बादलों और ऊष्मा परिवहन पर भी निर्भर है।
अगला कदम अधिक ट्रांज़िट में हीलियम संकेत का पीछा करना है, ताकि पता चले कि वह तारकीय गतिविधि के साथ कैसे बदलता है। साथ ही James Webb Space Telescope जैसे उपकरण निचले वायुमंडल में पानी, कार्बन डाइऑक्साइड और अन्य अणु खोज सकते हैं। यह खोज प्रश्न को ‘क्या ग्रह पर वायुमंडल है?’ से आगे ‘ऊपरी पलायन और निचली जलवायु कैसे जुड़ते हैं?’ तक ले जाती है। इसी संबंध पर बेहतर सीमाएं मिलने के बाद वैज्ञानिक 48 प्रकाश-वर्ष दूर इस दुनिया की वासयोग्यता अधिक भरोसे से आंक सकेंगे।