वेब ने NGC 7129 में युवा तारों को अपने आसपास के बादलों का आकार बदलते हुए दिखाया है। चमकीले केंद्रीय तारे के पास लगभग 3.5 प्रकाश-वर्ष चौड़ी गुहा है। कम उम्र के आदितारों के बहिर्प्रवाह घनी गैस में लाल आघात संरचनाएँ बनाते हैं।
मुख्य बातें
- NGC 7129 पृथ्वी से लगभग 3,300 प्रकाश-वर्ष दूर है। वेब की निकट-अवरक्त छवि तारों के विकास की कई अवस्थाएँ दिखाती है।
- केंद्रीय तारे LkHα 234 का अनुमानित द्रव्यमान सूर्य का 5–8 गुना है। उसके बाईं ओर की गुहा लगभग 3.5 प्रकाश-वर्ष तक फैली है।
- कम उम्र के आदितारों के बहिर्प्रवाह आसपास की गैस में आघात तरंगें पैदा करते हैं। सुनहरा और लाल रंग हाइड्रोजन की अलग अवस्थाएँ दर्शाते हैं।
NGC 7129 के नवजात तारे अपनी जन्मस्थली में हलचल मचा रहे हैं। NASA ने 6 अक्टूबर को जेम्स वेब अंतरिक्ष दूरबीन की नई छवि जारी की। लगभग 3,300 प्रकाश-वर्ष दूर इस तारकीय नर्सरी में चमकीले केंद्रीय तारे के एक ओर चौड़ी सुनहरी गुहा है, जबकि दूसरी ओर घनी धूल के बीच लाल धाराएँ दिखाई देती हैं।
वेब का निकट-अवरक्त कैमरा NIRCam कुछ अवरोधक पदार्थ के पार देख सकता है। इससे विकास की अलग-अलग अवस्थाओं के तारे और आसपास की गैस दिखाई देते हैं। छवि में दृश्य रंग अलग अवरक्त तरंगदैर्ध्यों को दर्शाते हैं। सुनहरा, लाल और नीला-धूसर रंग गैस की अवस्था और संरचनाएँ पहचानने में मदद करते हैं; वे अंतरिक्ष में मानव आँख को दिखने वाले वास्तविक रंग नहीं हैं।
चमकीले तारे ने तराशी 3.5 प्रकाश-वर्ष की गुहा
केंद्र के पास सबसे प्रमुख तारा LkHα 234 है। आधिकारिक विवरण के अनुसार उसका द्रव्यमान सूर्य का लगभग 5–8 गुना है। वह मुख्य अनुक्रम से पहले की अवस्था में है: उसने अधिकांश पदार्थ जमा कर लिया है, लेकिन गुरुत्व के कारण अब भी सिकुड़ और गर्म हो रहा है। आगे चलकर उसके केंद्र में लगातार हाइड्रोजन संलयन होगा, जो मुख्य अनुक्रम अवस्था में स्थिर प्रकाश का आधार बनेगा।
उसके बाईं ओर सुनहरी गुहा लगभग 3.5 प्रकाश-वर्ष तक फैली है। आधिकारिक विवरण इसे तारे की पहले की अवस्था के बहिर्प्रवाहों से घने आणविक बादल के कटाव का परिणाम बताता है। बहिर्प्रवाह और तारकीय प्रकाश गैस को ऊर्जा देकर चमकाते हैं। कुछ गैस बिखरती है और कुछ संपीडित होती है। यह संपीड़न दूसरे तारों के बनने के लिए अनुकूल परिस्थितियाँ पैदा कर सकता है।
गुहा के भीतर अन्य युवा तारे भी हैं। उनकी तारकीय हवाएँ पास की गैस को धकेलती हैं, जिससे धनुषाकार आघात संरचनाएँ और छोटी गुहाएँ बनती हैं। सुनहरी क्षेत्र के ऊपरी किनारे की स्पष्ट धार गर्म गैस और बाहर की ठंडी, अधिक घनी गैस की सीमा दिखाती है। इस प्रकाश-वियोजन क्षेत्र में तारकीय विकिरण हाइड्रोजन के अणुओं को परमाणुओं में तोड़ देता है।
लाल जेट छोड़ते हैं आघात के निशान
केंद्रीय तारे के दाईं ओर लाल गुच्छों में कम उम्र के आदितारे छिपे हैं। वे अब भी गैस और धूल का अभिवृद्धि द्वारा संचय कर द्रव्यमान बढ़ा रहे हैं और साथ ही गर्म बहिर्प्रवाह निकालते हैं। ये प्रवाह आसपास के घने पदार्थ से टकराकर आघात तरंगें उत्पन्न करते हैं। गैस गर्म होकर चमकती है और जटिल, एक-दूसरे पर चढ़ी संरचनाएँ बनाती है।
आधिकारिक छवि-विवरण लाल क्षेत्र को आघात-प्रभावित आणविक हाइड्रोजन और सुनहरे क्षेत्र को मुख्यतः अधिक गर्म परमाण्विक हाइड्रोजन से जोड़ता है। कई आदितारों के बहिर्प्रवाह हमारी दृष्टि-रेखा में एक-दूसरे पर दिखाई देते हैं। हर प्रवाह को उसके स्रोत तक पहचानने के लिए और विश्लेषण चाहिए।
धूल की डिस्क डालती है विशाल छाया
ऊपरी बाएँ हिस्से में नीली नीहारिका के पास और लाल बहिर्प्रवाह दिखाई देते हैं। नीले क्षेत्र के केंद्र में एक आदितारा है, जिसके चारों ओर वलय जैसी दिखने वाली पदार्थ की डिस्क है। यह डिस्क कुछ तारकीय प्रकाश रोकती है और आसपास की नीहारिका पर छाया डालती है। आधिकारिक विवरण इसकी तुलना हबल अंतरिक्ष दूरबीन द्वारा पहले देखी गई ‘बैट शैडो’ से करता है।
युवा तारों के प्रभाव की पड़ताल
स्पिट्जर अंतरिक्ष दूरबीन पहले भी NGC 7129 की गैस और धूल देख चुकी है। वेब की अधिक स्थानिक विभेदन क्षमता अब गैस के महीन तंतुओं को अलग दिखाती है और पृष्ठभूमि की आकाशगंगाओं को स्पष्ट करती है। दोनों दूरबीनों की संयुक्त छवियाँ अलग तरंगदैर्ध्य और रंग-निर्धारण इस्तेमाल करती हैं। इसलिए तुलना में संरचनात्मक विवरण सबसे उपयोगी हैं।
यह नीहारिका एक ही दृश्य में तारों के विकास और आसपास के बदलाव दिखाती है। अधिक विकसित युवा तारे आसपास की गैस को रोशन करते और उसका कटाव करते हैं, जबकि कम उम्र के आदितारे अपने बहिर्प्रवाहों से आघात के निशान छोड़ते हैं। शोधकर्ता वेब के आँकड़ों का आगे विश्लेषण करके तापमान, रासायनिक अवस्था और गैस के वितरण में बदलाव समझेंगे, साथ ही यह भी कि लाखों वर्षों में आणविक बादलों का धीरे-धीरे क्षरण कैसे होता है।