MoM-BH*-1 एक लाल बिंदु जैसा दिखता है, लेकिन उसके स्पेक्ट्रम में हाइड्रोजन का असामान्य रूप से प्रबल अवशोषण है। सघन गैस से घिरा अभिवृद्धि करता ब्लैक होल इसकी व्याख्या कर सकता है और ब्लैक होल तारों तथा रहस्यमय छोटे लाल बिंदुओं की पहचान में मदद कर सकता है।

मुख्य बातें

  • MoM-BH*-1 का प्रकाश बिग बैंग के केवल 66 करोड़ वर्ष बाद के ब्रह्मांड से आता है। उसके स्पेक्ट्रम में हाइड्रोजन का असामान्य रूप से प्रबल अवशोषण दिखाई देता है।
  • अध्ययन में सघन गैस के आवरण में अभिवृद्धि करते ब्लैक होल का मॉडल प्रस्तावित है। ऊर्जा ब्लैक होल से आती है, जबकि स्पेक्ट्रम तारकीय वायुमंडल जैसा होता है।
  • मेज़बान आकाशगंगा के प्रकाश का असर अपेक्षाकृत कम होने से यह स्रोत अन्य छोटे लाल बिंदुओं और शुरुआती ब्लैक होल की वृद्धि के अध्ययन का मानक बन सकता है।

एक दूरस्थ लाल बिंदु के भीतर ऐसा पिंड छिपा हो सकता है, जो बाहर से विशाल तारे जैसा दिखता है, लेकिन भीतर ब्लैक होल पर पदार्थ की अभिवृद्धि से ऊर्जा पाता है। Rohan P. Naidu के नेतृत्व वाले अंतरराष्ट्रीय दल ने जेम्स वेब अंतरिक्ष दूरबीन से MoM-BH*-1 का अध्ययन किया और उसके स्पेक्ट्रम में हाइड्रोजन का अत्यंत प्रबल अवशोषण पाया। ब्लैक होल तारे का मॉडल इन असामान्य संकेतों की प्रभावी व्याख्या प्रस्तुत करता है। यह अध्ययन 12 अगस्त 2026 को Nature में प्रकाशित हुआ।

MoM-BH*-1 का प्रकाश बिग बैंग के केवल 66 करोड़ वर्ष बाद के समय से आता है। यह संभावित पिंड दो परिचित तस्वीरें जोड़ता है: आसपास की सघन गैस तारकीय वायुमंडल की तरह प्रकाश को बदलती है, जबकि भीतर ऊर्जा का स्रोत पदार्थ निगलता हुआ ब्लैक होल हो सकता है।

शुरुआती आकाशगंगाओं की खोज में मिला असामान्य लाल बिंदु

दल Mirage or Miracle (MoM) सर्वेक्षण के जरिए प्रारंभिक ब्रह्मांड की दूरस्थ आकाशगंगाएं खोज रहा था। वेब की तस्वीरों में MoM-BH*-1 खास तौर पर लाल और चमकीला दिखा, इसलिए उसे आगे के स्पेक्ट्रोस्कोपिक अध्ययन के लिए चुना गया। वह लंबी अवरक्त तरंगदैर्ध्य पर स्पष्ट दिखता है, लेकिन छोटी तरंगदैर्ध्य पर बहुत मंद है।

वेब के F277W, F356W और F444W बैंड की मूल शोध तस्वीरें; अंतिम दो में MoM-BH*-1 एक सघन प्रकाश-बिंदु के रूप में दिखता है
बाएं से दाएं: F277W, F356W और F444W, जिनकी केंद्रीय तरंगदैर्ध्य लगभग 2.77, 3.56 और 4.44 माइक्रोमीटर है। लंबी तरंगदैर्ध्य की तस्वीरों में MoM-BH*-1 दिखता है। रंग अवरक्त तीव्रता दर्शाते हैं। स्रोत: Naidu et al. (2026), Nature, चित्र 1a, CC BY 4.0; काट-छांट, आकार परिवर्तन और सफेद किनारे जोड़े गए हैं।

लाल पिंड अक्सर प्रकाश को ढकने वाली धूल का संकेत देते हैं, जैसे धुआं सूर्य के प्रकाश का रंग बदल देता है। लेकिन इस स्रोत में असाधारण रूप से गहरा बाल्मर विच्छेद और हाइड्रोजन रेखाओं में अवशोषण संरचना भी है। इससे दल ने दूसरी संभावना जांची: अत्यधिक सघन गैस स्वयं इतना लाल स्पेक्ट्रम बना सकती है।

सघन हाइड्रोजन की पहचान स्पेक्ट्रम में

बाल्मर विच्छेद वह स्पष्ट चमक परिवर्तन है, जो स्पेक्ट्रम में हाइड्रोजन की एक खास अवशोषण सीमा पार करने पर होता है। MoM-BH*-1 में इसकी मापी गई शक्ति लगभग 7.7 है, जो शोधपत्र में तुलना किए गए सामान्य धूल-रहित तारकीय आबादी के मॉडलों से अधिक है। Hβ और Hγ रेखाओं में गहरा अवशोषण भी प्रकाश सोखने वाले सघन हाइड्रोजन की ओर संकेत करता है। गैसीय आवरण की व्याख्या के लिए ये महत्वपूर्ण प्रेक्षणीय प्रमाण हैं।

शोधपत्र में MoM-BH*-1 के स्पेक्ट्रम की अन्य स्रोतों से तुलना; दाएं चित्र में लगभग 7.7 की बाल्मर विच्छेद शक्ति तुलना के नमूनों से अधिक है
बाएं: स्पेक्ट्रम की आकृतियों की तुलना। दाएं: नीला तारा MoM-BH*-1 की बाल्मर विच्छेद शक्ति दिखाता है; टूटी रेखा चुने गए धूल-रहित तारकीय आबादी के मॉडलों की ऊपरी सीमा है। स्रोत: Naidu et al. (2026), Nature, चित्र 2, CC BY 4.0; आकार परिवर्तन और सफेद किनारे, मूल वक्र तथा संकेत यथावत।

शोधकर्ताओं ने ऐसे स्पेक्ट्रल मॉडल परखे, जिनमें अभिवृद्धि करता ब्लैक होल अत्यंत सघन, विक्षुब्ध गैस के भीतर है। भीतर का विकिरण बाहर निकलने से पहले अवशोषण, प्रकीर्णन और पुनः उत्सर्जन से गुजरता है। यह विन्यास मुख्य विशेषताओं को दोहराता है और देखे गए लाल रूप के लिए धूल से बहुत कम क्षीणन की जरूरत पड़ती है।

ऊर्जा ब्लैक होल से, बाहरी रूप तारे जैसा

सामान्य तारे भीतर होने वाले नाभिकीय संलयन से ऊर्जा पाते हैं। ब्लैक होल तारे के मॉडल में केंद्रीय अभिवृद्धि करता ब्लैक होल इंजन है। उसकी ओर गिरता पदार्थ ऊर्जा छोड़ता है और आसपास की सघन गैस उस विकिरण को रूपांतरित करती है। इससे पूरे स्पेक्ट्रम में तारकीय सतहों जैसी कुछ विशेषताएं दिखाई देती हैं। इसी कारण इसके नाम में ब्लैक होल और तारा दोनों आते हैं।

बाएं से दाएं: संलयन से ऊर्जा पाने वाला सामान्य तारा, खुले अभिवृद्धि चक्र वाला ब्लैक होल, और निरंतर सघन गैस से घिरा ब्लैक होल तारे का मॉडल
बाएं से दाएं: सामान्य तारा, अभिवृद्धि करता ब्लैक होल और ब्लैक होल तारे का मॉडल। ऊर्जा देने के अलग-अलग विन्यासों की तुलना है। आकार एक समान पैमाने पर नहीं हैं और यह विकास का क्रम नहीं है।

मॉडल का आकार भी उल्लेखनीय है। शोधपत्र के उदाहरण में सघन गैस की परत लगभग 40 खगोलीय इकाई मोटी है, यानी पृथ्वी–सूर्य दूरी की करीब 40 गुनी। इसकी तुलना सौरमंडल की ग्रह-कक्षाओं के पैमाने से की जा सकती है। यह मॉडल में गैस की परत का माप है। वेब की तस्वीरों में स्रोत अब भी ऐसा प्रकाश-बिंदु है जिसकी आंतरिक संरचना अलग से नहीं दिखती; उस संरचना की आगे पुष्टि करनी होगी।

छोटे लाल बिंदुओं के पीछे एक साझा इंजन?

वेब के खोजे कई छोटे लाल बिंदुओं में केंद्रीय स्रोत और उसकी मेज़बान आकाशगंगा का प्रकाश मिला होता है, जिससे दोनों संकेत अलग करना कठिन है। MoM-BH*-1 में केंद्रीय स्रोत का प्रकाश आकाशगंगा पर हावी दिखता है, इसलिए उससे अपेक्षाकृत शुद्ध संदर्भ स्पेक्ट्रम मिलता है। शोधकर्ताओं ने इसे पास की अधिक चमकीली आकाशगंगा के स्पेक्ट्रम में जोड़ा, तो सामान्य छोटे लाल बिंदुओं जैसी आकृति मिली। यह इस विचार का समर्थन करता है कि गैस से घिरे ब्लैक होल उनके केंद्रीय इंजन हो सकते हैं।

यदि सघन गैस अभिवृद्धि से निकलने वाले विकिरण को रोकती या पुनर्वितरित करती है, तो ब्लैक होल अधिक तेजी से पदार्थ खींच सकता है। इससे शुरुआती ब्रह्मांड में ब्लैक होल की तेज वृद्धि समझने में मदद मिल सकती है। फिलहाल ब्लैक होल का द्रव्यमान, अभिवृद्धि दर और गैस की संरचना मॉडल की मान्यताओं पर निर्भर हैं। अधिक स्पेक्ट्रम और अनुवर्ती प्रेक्षण बताएंगे कि वृद्धि का यह चरण कितना सामान्य है।