शोधकर्ताओं ने Webb की COSMOS-Web छवियों में लगभग 8 लाख आकाशगंगाओं के आकारों का उपयोग करके पहले की Hubble मानचित्रों से अधिक स्पष्ट डार्क-मैटर द्रव्यमान मानचित्र बनाया। यह दिखाता है कि आकाशगंगाएँ अदृश्य ब्रह्मांडीय ढाँचे का कैसे अनुसरण करती हैं, जबकि डार्क-मैटर कण अभी भी अज्ञात है।
मुख्य बातें
- Nature Astronomy ने 26 जनवरी 2026 को 41 लेखकों वाला शोध “An ultra-high-resolution map of (dark) matter” प्रकाशित किया।
- टीम ने JWST COSMOS-Web छवियों से प्रति वर्ग आर्कमिनट लगभग 129 उपयोगी आकाशगंगा-आकार मापे और 0.77 × 0.70 डिग्री का कमजोर-लेंसिंग द्रव्यमान मानचित्र पुनर्निर्मित किया।
- NASA/JPL के अनुसार यह क्षेत्र लगभग 2.5 पूर्ण चंद्रमा जितना है, इसमें लगभग 8 लाख आकाशगंगाएँ हैं और Webb के करीब 255 घंटे के अवलोकन शामिल हैं।
- पेपर 1.00 ± 0.01 आर्कमिनट की कोणीय विभेदन क्षमता बताता है, जो पुराने Hubble द्रव्यमान मानचित्रों से दोगुने से अधिक है, और लगभग z = 2 तक द्रव्यमान विशेषताएँ ट्रेस करता है।
- मानचित्र दिखाता है कि डार्क मैटर और सामान्य पदार्थ समूहों, फिलामेंटों और कम-घनत्व क्षेत्रों में साथ-साथ विकसित होते हैं, लेकिन डार्क-मैटर कण की प्रकृति अभी नहीं बताता।
डार्क मैटर अभी भी दिखाई नहीं देता, लेकिन वह ब्रह्मांड में जो ढाँचा खींचता है वह अब थोड़ा अधिक साफ दिख रहा है। Diana Scognamiglio, Gavin Leroy, David Harvey और 38 अन्य शोधकर्ताओं ने Nature Astronomy में बताया कि उन्होंने जेम्स वेब अंतरिक्ष दूरबीन के COSMOS-Web सर्वेक्षण चित्रों से कमजोर गुरुत्वीय-लेंसिंग का उच्च-रिज़ॉल्यूशन द्रव्यमान मानचित्र पुनर्निर्मित किया। यह मानचित्र डार्क मैटर की सीधी तस्वीर नहीं है; यह दूरस्थ आकाशगंगाओं की छवियों में हुई बहुत छोटी विकृतियों से रास्ते में मौजूद द्रव्यमान का अनुमान लगाता है।
यह क्षेत्र Sextans दिशा के COSMOS क्षेत्र में है और 0.77 × 0.70 डिग्री, यानी लगभग 0.54 वर्ग डिग्री, तक फैला है। NASA/JPL इसे आकाश में करीब 2.5 पूर्ण चंद्रमा जितना क्षेत्र बताता है और कहता है कि चित्रों में लगभग 8 लाख आकाशगंगाएँ शामिल हैं। Webb की NIRCam ने इस क्षेत्र को लगभग 255 घंटे देखा, जिससे कुछ आकाशगंगाएँ पहली बार ऐसे द्रव्यमान मानचित्र का हिस्सा बनीं।
Webb ने COSMOS क्षेत्र को घना बनाया
कमजोर गुरुत्वीय लेंसिंग के लिए बहुत-सी आकाशगंगाओं के आँकड़े चाहिए। कोई एक आकाशगंगा अपने कारणों से अंडाकार, मुड़ी हुई या अनियमित हो सकती है, इसलिए वह अकेले सामने की द्रव्यमान-वितरण नहीं बताती। लेकिन जब हजारों पृष्ठभूमि आकाशगंगाएँ एक ही दिशा में अत्यंत सूक्ष्म और संगत खिंचाव दिखाती हैं, तब शोधकर्ता उस कुल द्रव्यमान का अनुमान लगा सकते हैं जिसने प्रकाश को मोड़ा। इस द्रव्यमान में तारे और गैस भी हैं, और डार्क मैटर भी: ऐसा पदार्थ जो सामान्य प्रकाश न उत्सर्जित करता है, न अवशोषित या परावर्तित करता है, और मुख्यतः गुरुत्वाकर्षण से जाना जाता है।
पेपर इस क्षेत्र में प्रति वर्ग आर्कमिनट लगभग 129 उपयोगी आकाशगंगा-आकार मापन बताता है, जिनमें कई लक्ष्यों को F115W और F150W निकट-अवरक्त पट्टियों में स्वतंत्र रूप से मापा गया। इससे बने द्रव्यमान मानचित्र की कोणीय विभेदन क्षमता 1.00 ± 0.01 आर्कमिनट है, जो इसी क्षेत्र के पुराने Hubble मानचित्रों से दोगुने से अधिक बेहतर है। NASA/JPL यह भी कहता है कि Webb मानचित्र में भू-आधारित मानचित्रों से लगभग 10 गुना और Hubble मानचित्र से लगभग दोगुनी आकाशगंगाएँ हैं।
नीला रंग डार्क मैटर का रंग नहीं है
सार्वजनिक चित्रों में अधिक घनत्व वाले डार्क-मैटर क्षेत्रों को अक्सर नीले रंग में दिखाया जाता है। यह दृश्यांकन की पसंद है, इसका अर्थ यह नहीं कि डार्क मैटर नीली रोशनी देता है। मुख्य मापन आकाशगंगा-आकारों में कमजोर-लेंसिंग shear है, जिसे पुनर्निर्माण विधियों से द्रव्यमान मानचित्र में बदला जाता है। दूसरे शब्दों में, आकाशगंगा छवियाँ गुरुत्वीय संकेत देती हैं; मानचित्र अनुमानित द्रव्यमान घनत्व दिखाता है।
यही अप्रत्यक्ष मापन डार्क-मैटर अनुसंधान की कुंजी है। सामान्य पदार्थ पूरे ब्रह्मांडीय पदार्थ का केवल लगभग एक-छठा भाग है; बाकी डार्क मैटर है, जिसे सामान्य दूरबीनें तारों, धूल या गैस की तरह नहीं देख सकतीं। Webb की अवरक्त संवेदनशीलता और तीक्ष्ण छवि-क्षमता अधिक धुंधली, अधिक दूर और धूल से छिपी आकाशगंगाओं को भी आकार-कैटलॉग में शामिल करती है, जिससे पृष्ठभूमि आकाशगंगाओं का जाल अधिक घना हो जाता है।
कॉस्मिक वेब अधिक साफ मेल खाता है
नया मानचित्र दिखाता है कि अधिक घनत्व वाले डार्क-मैटर क्षेत्र, आकाशगंगा समूह और कम-घनत्व वाली फिलामेंट संरचनाएँ जुड़कर कॉस्मिक वेब बनाती हैं। पेपर कहता है कि मानचित्र लगभग z = 2 तक द्रव्यमान विशेषताओं को ट्रेस कर सकता है, और सबसे साफ दूरस्थ संरचनाएँ लगभग z = 1.1 पर दिखती हैं। यह ब्रह्मांडीय तारानिर्माण के चरम काल के आसपास की आकाशगंगा-परिस्थितियों तक पहुँचता है और टीम को समूहों, फिलामेंटों और कम-घनत्व क्षेत्रों में डार्क मैटर तथा प्रकाशमान पदार्थ के साथ-साथ विकास की तुलना करने देता है।
NASA/JPL इस चित्र को सामान्य पदार्थ के लिए डार्क मैटर द्वारा दिया गया बड़े-पैमाने का ढाँचा कहता है। यह गुरुत्वीय विकास मॉडल और द्रव्यमान मानचित्र तथा आकाशगंगा-वितरण के मेल पर आधारित है: जहाँ भारी आकाशगंगा समूह होते हैं, वहाँ आमतौर पर पर्याप्त डार्क मैटर भी होता है; जहाँ सामान्य पदार्थ समूहों को पतली संरचनाओं से जोड़ता है, वहाँ डार्क-मैटर मानचित्र भी संबंधित फिलामेंट दिखाता है। परिणाम इस मानक विचार का समर्थन करता है कि डार्क मैटर पहले इकट्ठा होता है और फिर सामान्य पदार्थ को आकाशगंगाओं और तारों में खींचने में मदद करता है।
यह अभी नहीं बताता कि डार्क मैटर क्या है
इस मानचित्र का महत्व इस बात में नहीं है कि उसने अंततः डार्क-मैटर कण पहचान लिया। महत्व यह है कि इसने डार्क-मैटर वितरण की जगह और बारीकियाँ अधिक सटीक कर दीं। ये संरचनाएँ cold dark matter, warm dark matter और अन्य मॉडलों को जाँचने के मानदंड बनती हैं। यदि अलग-अलग सिद्धांत फिलामेंटों, समूह-किनारों या कम-घनत्व रिक्त क्षेत्रों में सूक्ष्म अंतर बताते हैं, तो अधिक उच्च-रिज़ॉल्यूशन द्रव्यमान मानचित्र उन्हें अलग करने में अधिक सक्षम होंगे।
आगे के काम में Webb के छोटे लेकिन बहुत विस्तृत मानचित्रों को कहीं अधिक बड़े सर्वेक्षणों से जोड़ना होगा। NASA/JPL कहता है कि Nancy Grace Roman Space Telescope COSMOS से 4,400 गुना बड़े आकाश क्षेत्र में डार्क मैटर का मानचित्र बना सकेगा, हालांकि Webb जैसी स्थानिक विभेदन क्षमता नहीं होगी। Webb एक अत्यंत विस्तृत नमूना देता है; बड़े सर्वेक्षण बताएँगे कि यह पूरे ब्रह्मांड का कितना प्रतिनिधि है।
पेपर यह भी बताता है कि JWST, HST, XMM-Newton, Chandra और कमजोर-लेंसिंग द्रव्यमान मानचित्र सार्वजनिक डेटा या पूरक सामग्री के रूप में जारी हैं। इससे अन्य टीमें वही विश्लेषण दोहरा सकती हैं, आकाशगंगा प्रकारों की डार्क-मैटर परिवेश से तुलना कर सकती हैं, या मानचित्र को नए ब्रह्मांडीय मॉडलों से जोड़ सकती हैं। डार्क मैटर अभी भी रहस्यमय है, लेकिन Webb ने कॉस्मिक वेब में उसकी जगह पहले से अधिक साफ खींच दी है।