ESA की अंतरिक्ष यात्री सोफी अदेनो ने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन से दक्षिणी ध्रुवीय ज्योति का टाइमलैप्स बनाया। पृथ्वी के रात्रि-पक्षीय वायुमंडल के किनारे हरी रोशनी शहरों और स्टेशन की संरचना के बीच लहराती है।

मुख्य बातें

  • ESA ने 3 जुलाई 2026 को 77 सेकंड का आधिकारिक टाइमलैप्स जारी किया। इसे फ्रांसीसी अंतरिक्ष यात्री सोफी अदेनो ने अपने εpsilon मिशन के दौरान रिकॉर्ड किया था।
  • दृश्य में पृथ्वी के रात्रि-पक्ष की शहर रोशनी, अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन की बाहरी संरचना और वायुमंडल के किनारे फैली दक्षिणी ध्रुवीय ज्योति एक साथ दिखाई देती हैं।
  • सामान्य हरी ध्रुवीय ज्योति मुख्यतः उत्तेजित ऑक्सीजन परमाणुओं के 557.7 नैनोमीटर तरंगदैर्घ्य पर प्रकाश छोड़ने से बनती है, आम तौर पर जमीन से लगभग 120–400 किलोमीटर ऊपर।
  • लगभग 400 किलोमीटर ऊँचे ISS से पृथ्वी के किनारे की ओर तिरछा देखने पर चमकता वायुमंडल ग्रह की वक्रता से लगी हरी पट्टी जैसा दिखता है।
  • अदेनो ने इसे εpsilon मिशन की अब तक की सबसे शानदार ध्रुवीय ज्योति कहा; टाइमलैप्स प्रकाश के बदलाव और स्टेशन के कक्षीय दृष्टिकोण को छोटे वीडियो में समेटता है।

एक चमकीली हरी पट्टी पृथ्वी की वक्रता के साथ फैली है; दूर शहरों की रोशनी और पास अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन की संरचना दिखती है। यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ESA) ने 3 जुलाई 2026 को 77 सेकंड का यह टाइमलैप्स जारी किया और पुष्टि की कि इसे फ्रांसीसी अंतरिक्ष यात्री सोफी अदेनो ने अपने εpsilon मिशन के दौरान रिकॉर्ड किया था। ESA के आधिकारिक अभिलेख में इसे दक्षिणी ध्रुवीय ज्योति (Aurora Australis) के रूप में दर्ज किया गया है।

अंतरिक्ष स्टेशन की खिड़की के बाहर दक्षिणी ध्रुवीय ज्योति

वीडियो में हरी रोशनी काले अंतरिक्ष और पृथ्वी के रात्रि-पक्ष के बीच बल खाती है। नीचे शहरों की रोशनी गुजरती है, जबकि ISS के हिस्से कैमरे के पास बने रहते हैं। यह पट्टी कभी समतल और कभी परदे की तरह लहराती है, जिससे कक्षा से दिखने वाली ध्रुवीय ज्योति का विस्तार और उसकी परतें स्पष्ट होती हैं।

अनुप्रस्थ चित्र जिसमें आवेशित कण चुंबकीय क्षेत्र रेखाओं के साथ ऊपरी वायुमंडल में जाकर ऑक्सीजन परमाणुओं से हरा प्रकाश उत्सर्जित कराते हैं
उच्च-ऊर्जा इलेक्ट्रॉन ऊपरी वायुमंडल के ऑक्सीजन परमाणुओं को ऊर्जा देते हैं। कम ऊर्जा अवस्था में लौटते समय ये परमाणु 557.7 नैनोमीटर का सामान्य हरा प्रकाश छोड़ते हैं।

अदेनो ने इसे εpsilon मिशन की अब तक की सबसे शानदार ध्रुवीय ज्योति बताया। ESA के 77 सेकंड के संस्करण में पृथ्वी की वक्रता, चमकता वायुमंडल और अंतरिक्ष स्टेशन का वही दृष्टिकोण सुरक्षित है जो उन्होंने कक्षा में देखा, इसलिए जमीन पर बैठे दर्शक भी रात्रि-पक्ष की इस उड़ान का अनुभव कर सकते हैं।

ESA का मूल रात्रि-पक्ष टाइमलैप्स εpsilon मिशन के दौरान ध्रुवीय ज्योति, तूफ़ान और शहरों की रोशनी दर्ज करता है।

अंतरिक्ष स्टेशन से दिखती हरी पट्टी

ध्रुवीय ज्योति पृथ्वी को घेरे कोई ठोस प्रकाश-पट्टी नहीं है। चुंबकमंडल के उच्च-ऊर्जा इलेक्ट्रॉन पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र के साथ ऊपरी वायुमंडल में प्रवेश करते हैं, परमाणुओं और अणुओं से टकराकर उन्हें ऊर्जा देते हैं। उत्तेजित कण जब कम ऊर्जा अवस्था में लौटते हैं, तो फोटॉन छोड़ते हैं। अमेरिका के राष्ट्रीय महासागरीय और वायुमंडलीय प्रशासन के अनुसार सबसे सामान्य हल्की हरी ध्रुवीय ज्योति ऑक्सीजन परमाणुओं द्वारा 557.7 नैनोमीटर पर प्रकाश उत्सर्जन से बनती है, आम तौर पर 120 से 400 किलोमीटर की ऊँचाई पर।

ISS स्वयं लगभग 400 किलोमीटर की ऊँचाई पर निम्न पृथ्वी कक्षा में घूमता है। पृथ्वी के किनारे की ओर तिरछा देखने पर दृष्टि-रेखा चमकते वायुमंडल के लंबे हिस्से से होकर गुजरती है। बड़े क्षेत्र में फैली ध्रुवीय ज्योति इसलिए ग्रह की वक्रता से सटी संकरी पट्टी जैसी दिख सकती है। अलग-अलग ऊँचाइयाँ, चमक और देखने के कोण एक-दूसरे पर चढ़कर उसे मोटा और लहरदार रूप देते हैं। यह दृष्टिकोण साफ दिखाता है कि ध्रुवीय ज्योति गहरे अंतरिक्ष में नहीं, वायुमंडल में है; लेकिन केवल इन चित्रों से उसकी वास्तविक ऊँचाई नहीं मापी जा सकती।

ESA ने वीडियो को Aurora Australis यानी दक्षिणी चुंबकीय ध्रुवीय क्षेत्र की ध्रुवीय ज्योति के रूप में चिह्नित किया है। दक्षिणी और उत्तरी ध्रुवीय ज्योति में प्रकाश बनने की मूल प्रक्रिया समान है और दोनों चुंबकीय ध्रुवों के चारों ओर अंडाकार क्षेत्र बनाती हैं। “हरी पट्टी” किसी विशेष दिशा से दिख रहे एक घुमावदार हिस्से का रूप है; इसका अर्थ यह नहीं कि उतनी ही चमकीली पट्टी पूरी पृथ्वी को घेरे हुए है।

77 सेकंड का टाइमलैप्स क्या दिखाता है

टाइमलैप्स फ़ोटोग्राफ़ी में समय-अंतराल पर लिए गए फ़्रेम तेजी से लगातार चलाए जाते हैं, जिससे धीमे बदलाव छोटे वीडियो में तेज दिखाई देते हैं। इस 77 सेकंड के संपादन में ध्रुवीय ज्योति की चमक और आकार लगातार बदलते दिखते हैं। साथ ही, ISS के कक्षा में आगे बढ़ने पर पृथ्वी की सतह और वायुमंडल का किनारा दृश्य में खिसकता महसूस होता है।

प्रवाह जैसा प्रभाव तीन चीज़ों से मिलकर बनता है: चुंबकमंडल और ऊपरी वायुमंडल के कारण ज्योति की संरचना में बदलाव, ISS की लगभग 8 किलोमीटर प्रति सेकंड की कक्षीय गति, और संपादन में समय का संपीड़न। ESA ने फ़्रेमों के बीच का अंतराल या कुल रिकॉर्डिंग अवधि नहीं बताई है, इसलिए इस वीडियो को कई तरह की गतियों को एक साथ दिखाने वाला दृश्य अभिलेख समझना सबसे उचित है।

ESA का 77 सेकंड का दक्षिणी ध्रुवीय ज्योति टाइमलैप्स, जिसे सोफी अदेनो ने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन से रिकॉर्ड किया।

कक्षा से पृथ्वी की ओर नज़र

आधिकारिक फुटेज कक्षा से दक्षिणी ध्रुवीय ज्योति का अनोखा दृश्य सुरक्षित रखता है: पृथ्वी की वक्रता, पतला चमकता वायुमंडल, रात्रि-पक्ष की रोशनी और अंतरिक्ष स्टेशन की संरचनाएँ एक ही फ़्रेम में हैं। अदेनो का टाइमलैप्स एक यादगार अवलोकन दर्ज करता है और सहज रूप से दिखाता है कि ध्रुवीय ज्योति पृथ्वी के वायुमंडल के किनारे स्थित है, जहाँ वह अँधेरे रात्रि-पक्ष पर बहती हरी रूपरेखा बनाती है।