अभिवृद्धि चक्र वह संरचना है जो किसी विशाल केंद्रीय पिंड के चारों ओर कक्षीय गति कर रहे विरल पदार्थ से बनती है। घर्षण और अन्य बलों के कारण यह पदार्थ भीतर की ओर सर्पिल मार्ग से गिरता है और ऊष्मा तथा प्रकाश के रूप में अपार स्थितिज ऊर्जा छोड़ता है, जिससे ये अक्सर ब्रह्मांड के सबसे उज्ज्वल पिंडों में बदल जाते हैं।
आकाशगंगा एक दंडाकार सर्पिल आकाशगंगा है जिसमें लगभग 100 से 400 अरब तारे हैं। इसके केंद्र में धनु A* नामक अतिदानव ब्लैक होल स्थित है जिसके चारों ओर पूरी आकाशगंगा परिक्रमा करती है।